समर्थ कश्यप= गोपालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लतरा निवासी अमोल यादव (पिता–रामकिशुन यादव) के साथ हुए 50 हजार रुपये के साइबर फ्रॉड मामले में साइबर थाना की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से पूरी राशि वापस दिला दी गई। इस पहल से न केवल पीड़ित परिवार को राहत मिली, बल्कि आम लोगों में भी पुलिस के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमोल यादव ने डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म PhonePe के माध्यम से लेन-देन के दौरान गलती से 50,000 रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। ट्रांजैक्शन के बाद जब उन्हें अपनी त्रुटि का एहसास हुआ तो उन्होंने संबंधित व्यक्ति से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन राशि वापस नहीं मिली।
इसके बाद पीड़ित ने साइबर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही साइबर थाना की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू की। बैंकिंग ट्रांजैक्शन डिटेल, डिजिटल ट्रेल और संबंधित बैंक एवं पेमेंट प्लेटफॉर्म से समन्वय स्थापित कर लगातार फॉलोअप किया गया।
लगातार प्रयासों के बाद पूरी 50,000 रुपये की राशि सफलतापूर्वक पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दी गई। रकम वापस मिलने पर अमोल यादव और उनके परिजनों ने साइबर थाना की कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
साइबर थाना पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन लेन-देन करते समय खाते का नंबर, यूपीआई आईडी और प्राप्तकर्ता का नाम सावधानीपूर्वक जांच लें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या गलत ट्रांजैक्शन की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाना से संपर्क करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान की भरपाई की जा सके।
साइबर थाना की मुस्तैदी रंग लाई, 50 हजार की ठगी राशि पीड़ित को वापस


