समर्थ कश्यप= नवगछिया (रंगरा प्रखंड): मध्य विद्यालय भवानीपुर में लगाए गए ‘मीडिया नियम’ संबंधी पोस्टर को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्कूल परिसर की दीवार पर चिपकाए गए पोस्टर में बिना अनुमति प्रवेश, वीडियो बनाने और कैमरे पर सवाल पूछने को दंडनीय बताते हुए IPC 441, मानहानि और POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पोस्टर में यह भी उल्लेख है कि स्कूल प्रबंधन की लिखित अनुमति और अभिभावकों की सहमति के बिना किसी प्रकार की रिपोर्टिंग प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में एफआईआर दर्ज करने, उपकरण जब्त करने और कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि इस तरह का पोस्टर लगाकर विद्यालय प्रबंधन पारदर्शिता से बचने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि यदि स्कूल में किसी प्रकार की गड़बड़ी, अव्यवस्था या लापरवाही सामने आती है तो मीडिया को रोकने के लिए इन नियमों का सहारा लिया जा सकता है।
कुछ अभिभावकों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि “स्कूल में मूलभूत सुविधाओं की कमी है, लेकिन समस्या उजागर करने के बजाय डर का माहौल बनाया जा रहा है।”
कानूनी प्रावधान या दबाव की रणनीति?
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और पहचान गोपनीय रखना आवश्यक है, लेकिन जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाना भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे में स्कूल द्वारा कड़े शब्दों में चेतावनी देना कई सवाल खड़े करता है।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से मामले की जांच कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्कूल में सब कुछ सही है तो मीडिया से डरने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
फिलहाल, यह पोस्टर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और स्कूल प्रबंधन की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।



