समर्थ कश्यप=नवगछिया में शुक्रवार की सुबह विक्रमशिला सेतु के समीप जानवी चौक के पास ऐसा मंजर दिखा, जिसे देख लोगों की रूह कांप उठी। सड़क पर बिखरा मोबाइल, चीखते-बिलखते लोग… कुछ ही पलों में एक 18 साल की ज़िंदगी हमेशा के लिए थम गई।
शाहकुंड निवासी करण कुमार अपने दोस्तों के साथ जीरो माइल की और जा रहा था। रास्ते में उसका मोबाइल अचानक हाथ से छूटकर सड़क पर गिर पड़ा। शायद उसे क्या पता था कि उसी मोबाइल को उठाने के लिए झुकना उसकी जिंदगी का आखिरी फैसला बन जाएगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही करण मोबाइल उठाने के लिए सड़क पर झुका, भागलपुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रहा एक बेकाबू ट्रक उसे रौंदता हुआ निकल गया। टक्कर इतनी भयानक थी कि उसे संभलने या बचने का एक पल भी नहीं मिला। मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं। सड़क पर पड़ा उसका निर्जीव शरीर देख वहां मौजूद लोग सन्न रह गए।
हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। कुछ देर के लिए पूरा इलाका चीख-पुकार और अफरा-तफरी से गूंज उठा। सूचना मिलते ही यातायात थाना पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल नवगछिया भेजा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपी चालक की तलाश जारी है।
करण अपने परिवार की उम्मीदों का सहारा था। पिता हलवाई का काम कर जैसे-तैसे घर चलाते हैं। बड़ा भाई बोल नहीं सकता, छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। दो बहनों में एक की शादी हो चुकी है, दूसरी अभी छोटी है। ऐसे में करण ही वह हाथ था जो घर की जिम्मेदारियों को संभालने लगा था।
मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही कहकर बेहोश हो जा रही है—“मेरा कमाने वाला बेटा मुझे छोड़कर चला गया…” घर की दीवारें भी जैसे इस मातम की गवाह बन गई हैं। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है।
एक छोटी सी लापरवाही ने न सिर्फ एक युवा की जिंदगी छीनी, बल्कि एक परिवार के सपनों को भी हमेशा के लिए कुचल दिया।
एक मोबाइल… और खत्म हो गई ज़िंदगी: विक्रमशिला सेतु के पास 18 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत


