भागलपुर के पुलिस जिला नवगछिया अनुमंडल के गोपालपुर अंचल में दाखिल-खारिज (नामांतरण) के दो मामलों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जिला भागलपुर अंतर्गत वाद संख्या 684/25-26 एवं 685/25-26 में अवैध, नियम-विरुद्ध और कथित मनमानी तरीके से नामांतरण की प्रक्रिया पूरी किए जाने का आरोप लगाते हुए पीड़िता ने प्रमंडलीय आयुक्त एवं जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
सिंधिया मकंदपुर निवासी कुमारी ममता सिंह (पति–स्व. राकेश कुमार) ने आरोप लगाया है कि मौजा घरहरा, खाता संख्या 1210, खेसरा 529, 539 एवं 526, कुल लगभग 4 एकड़ 29 डिसमिल भूमि पुश्तैनी संपत्ति है, जिसका आज तक विधिवत बंटवारा नहीं हुआ है। उक्त जमीन खतियान में रामतीर्थ चौधरी एवं नारायण चौधरी के नाम दर्ज है।
पीड़िता का कहना है कि उनकी ननद रिंकी कुमारी ने बिना बंटवारे और बिना पारिवारिक सहमति के खेसरा 529 एवं 526 की जमीन विकास कुमार भारती एवं शुभम कुमार के नाम बिक्री कर दी। इसके बाद क्रेताओं ने अंचलाधिकारी के समक्ष नामांतरण के लिए वाद संख्या 684/25-26 एवं 685/25-26 दायर किया।
ममता सिंह का आरोप है कि उन्होंने समय पर लिखित आपत्ति दाखिल की थी, इसके बावजूद उन्हें समुचित सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया और न ही दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की गई। उनका कहना है कि बिना सभी पक्षों को सुने नामांतरण कर देना राजस्व नियमों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
उन्होंने आशंका जताई है कि यदि यह नामांतरण यथावत रखा गया तो क्षेत्र में गंभीर भूमि विवाद उत्पन्न हो सकता है, जिससे शांति-व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है।
पीड़िता ने प्रमंडलीय आयुक्त एवं जिलाधिकारी, भागलपुर से दोनों वादों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं, जब गोपालपुर अंचलाधिकारी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
नवगछिया में नामांतरण पर बवाल: गोपालपुर अंचल के दो मामलों में ‘मनमानी’ का आरोप, प्रमंडलीय आयुक्त एवं जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग


